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जम्मू कश्मीर पर दाखिल 7 'Defective' याचिकाओं को सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, फिलहाल नहीं हटेंगी पाबंदियां

   सुप्रीम कोर्ट में जम्मू कश्मीर से जुड़ी 7 अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गयी थी। जिनकी सुनवाई आज चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने की। लेकिन तमाम याचिकाओं को पढ़ने के बाद कोर्ट ने पाया कि ये तमाम याचिकाएं आधी-अधूरी फाइल की गयीं थी। जिसपर पर जस्टिस गोगोई ने कहा कि - समझना मुश्किल है कि इतने महत्त्वपूर्ण विषय पर भी डिफेक्टिव याचिकाएं फाइल की गयी हैं। हम इनको खारिज नहीं करना चाहते क्योंकि इसका असर बाकी याचिकाओं पर भी पड़ सकता है।  इन याचिकाओं को फाइल करने वालों में ..

प्रेज़िडेंशियल ऑर्डर 2019 ने रचा इतिहास, बदला जम्मू कश्मीर का भूगोल, जानिए कैसे चमकेगी जम्मू कश्मीर और लद्दाख की किस्मत

   5 अगस्त 2019 को जारी किया गए राष्ट्रपति के संविधान (जम्मू और कश्मीर में लागू) आर्डर 272 , 2019 ने राष्ट्रपति के 1954 के आर्डर 48 को हटा दिया और इसके साथ ही 1954 के आर्डर और उसके बाद के सभी संशोधन /आर्डर भी हट गए, यानि 2019 के आर्डर ने इनका अधिक्रमण कर दिया . इसके फलस्वरूप अमानवीय, बुनियादी अधिकारों के हनन करने वाला, तर्कहीन अनुच्छेद 35 A भी हट गया।  निस्संदेह राष्ट्रपति के इस आर्डर से वे लोग बौखलाए हुए हैं, जिन्होंने 35 A जैसे प्रावधानों के दुरुपयोग कर जम्मू कश्मीर, विशेष रूप से ..

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल और अनुच्छेद 370 संशोधन प्रस्ताव राज्यसभा में पास, लोकसभा में कल होगी दोनों पर वोटिंग

  गृहमंत्री अमित शाह ने आज यानि 5 अगस्त को राज्यसभा में जम्मू कश्मीर के संबंध में 2 प्रस्ताव पेश किये। इनमें पहला था, अनुच्छेद 370 के संशोधन से संबंधित और दूसरा जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल, 2019, जिसके तहत राज्य को 2 केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने का प्रस्ताव रखा गया था। इन दोनों प्रस्तावों को राज्यसभा में करीब 7 घंटों की बहस के बाद पास कर दिया गया। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल को वोटिंग के जरिये पास किया गया। जिसके पक्ष में 125 और विपक्ष में 61 वोट पड़े। जबकि 370 के संशोधन के लिए विपक्ष ने ..

#Historical जम्मू कश्मीर के संबंध में नया "राष्ट्रपति का आदेश" लागू, जिसने बदल दी राज्य की संवैधानिक, भौगोलिक और राजनीतिक पहचान

    5 अगस्त, 2019 का दिन देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। जब जम्मू कश्मीर के संबंध में भारत के राष्ट्रपति ने आज एक नया आदेश जारी किया, जिसके बाद जम्मू कश्मीर की स्थिति हमेशा के लिए बदल गयी। इसी के साथ अनुच्छेद 370 में संशोधन और राज्य के पुनर्गठन होने का रास्ता साफ हो गया।     (जम्मू और कश्मीर में लागू) आदेश, 2019   इसके तहत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 14 मई 1954 से लागू राष्ट्रपति के आदेश (प्रेजिडेंशियल ऑर्डर) को निरस्त कर दिया। ..

जम्मू कश्मीर में भी लागू हुआ 10 फीसदी आर्थिक आरक्षण, कैबिनेट की मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जम्मू कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) बिल, 2019 को मंजूरी दे दी है। यानि राज्य में अब आर्थिक आधार पर कमज़ोर वर्ग के लिए आरक्षण को राज्य में लागू होगा। इसके बाद जम्मू कश्मीर में सामान्य वर्..

जम्मू कश्मीर में दलितों का विरोधी आर्टिकल 35 ए

  जम्मू कश्मीर की राजनीति इस समय पूरे उबाल पर है। जम्मू कश्मीर के सबसे छोटे क्षेत्र कश्मीर के नेता उमर अब्दुल्ला और मेहबूबा मुफ्ती लगातार आर्टिकल 35 ए के खत्म होने का विरोध कर रहे है। हालाकिं सरकार ने आर्टिकल 35 ए को खत्म करने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। लेकिन अटकलें लगाई जा रही है कि आर्टिकल 35 ए को लेकर सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35 ए को चुनौती किसने दी ?   जम्मू की रहने वाली 21 वर्षीय राधिका गिल ने सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल ..

फारूख साहेब जम्मू कश्मीर की नीव में वीर गोरखाओ का योगदान है नाकि अनुच्छेद 35 A और 370 का ।

जम्मू कश्मीर के नीव में वीर गोरखाओ का योगदान है नाकि अनुच्छेद 35 और 370 का ..

अनुच्छेद 35 A - जिन महिलाओ की वोट से महबूबा मुफ़्ती मुख्यमंत्री बनी थी, आज महबूबा उसी महिला वर्ग के अधिकारों के खिलाफ बोल रही है।

 देश में इस समय अनुच्छेद 35 A को लेकर बहुत कुछ लिखा और बोला जा रहा है। यह अनुच्छेद जम्मू कश्मीर में महिलाओ के अधिकारों का हनन कर उन्हें दोयम दर्जे का देश का नागरिक बनाता है , किन्तु विडम्बना यह है कि राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री खुद एक महिला होकर भी राज्य की महिलाओ के दुःख को समझ नहीं पा रही है। महबूबा मुफ़्ती जो राज्य की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है खुलकर इस महिला विरोधी अनुच्छेद के पक्ष में बोल रही है, बल्कि धमकियां दे रही है ऐसा लिखा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी.  आइये जानते कैसे यह ..

अनुच्छेद 35A के खिलाफ ऑनलाइन याचिका पर साठ हजार से ज्यादा लोगो ने किए हस्ताक्षर।

  जम्मू कश्मीर राजनीति इस समय पूरे उबाल पर है। उमर अब्दुल्ला और मेहबूबा मुफ़्ती बार -2 केंद्र को धमकिया दे रहे है। दोनों ही नेताओ ने अपने गुस्से से यह साबित कर दिया है कि उन्हें जम्मू कश्मीर में रहने वाले दलितों, शरणार्थियों और महि..

अनुच्छेद 35A पर केंद्र के रुख से घबराई मेहबूबा मुफ़्ती !

अनुच्छेद 35A पर केंद्र के रुख से घबराई मेहबूबा मुफ़्ती !..

“जम्मू कश्मीर में मुस्लिम नहीं हिंदू हैं अल्पसंख्यक”, अल्पसंख्यकों को परिभाषित करने लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर

   2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू कश्मीर समेत 7 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। ऐसे में क्यों न इन राज्यों में हिंदूओं को राज्यवार अल्पसंख्यक घोषित किया जाये। इसी को ध्यान में रखते हुए एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गयी है, जिसमें जनसंख्या के राष्ट्रीय आंकड़े की जगह राज्यवार जनसंख्या के आधार पर अल्पसंख्यक समुदायों का निर्धारण करने की मांग की गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई में अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से सहयोग मांगा है। कोर्ट ने ..

पाकिस्तानी प्रोपगैंडा फैलाने वाले नूरानी जैसे ‘एक्सपर्ट’ ने जम्मू कश्मीर के तथ्यों और देश के संविधान से धोखा किया है

  जम्मू-कश्मीर संबंधित विषयों के तथाकथित विशेषज्ञ और मशहूर वकील ए जी नूरानी ने पाकिस्तानी अख़बार ‘डॉन’ (Dawn) में कुछ दिनों पहले एक लेख लिखा। उसमें उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र और न्याय पीर पंजाल पर्वत शृंखला तक आकर समाप्त हो जाता है। उस..

अनुच्छेद 370 अस्थायी है,स्पेशल नहीं… तथ्यों के आधार समझिए असंवैधानिक जालसाजी का पूरा सच

 भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को लेकर संवैधानिक स्थिति को साफ़ करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 अस्थायी है. उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आप बार-बार अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हो, लेकिन जानबूझकर इसी अनुच्छेद से पहले लिखे लिखे अस्थायी शब्द की अनदेखी कर देते हो। अमित शाह की इस बात पर संसद में बैठे मसूदी केवल मुस्कुराते रहे। आईये जानते है कितनी सच्चाई है अमित शाह की स्टेटमेंट में - 70 वर्षो से बोला गया संविधान से जुड़ा सबसे बड़ा झूठ कि ..

जम्मू कश्मीर में अलग झंडे से जुड़ी राजनीति और भ्रांतियों को तोड़ते तथ्य, जम्मू कश्मीर में भी तिरंगे का वहीं दर्जा है, जैसा कि यूपी, दिल्ली, हरियाणा समेत तमाम राज्यों में

जम्मू कश्मीर को लेकर पूरे देश में अनेक ऐसी भ्रांतियां हैं, जिनका तथ्यों से को सरोकार नहीं है. जैसे जम्मू कश्मीर राज्य को एक अनुच्छेद 370 के तहत “ विशेष दर्जा “ दिया गया है। जबकि अनुच्छेद 370 को पूरा पढने के बाद आप को कही पर भी विशेष दर्जे वाली बात कही नज़र नहीं आयगी। अलबत्ता यह अनुच्छेद अस्थायी अनुच्छेद है, यह बात इस अनुच्छेद के शीर्षक में साफ़-साफ़ लिखी गयी है . इतना ही नहीं यह संविधान का एकमात्र अनुच्छेद है जो यह खुद बताता है कि यह समाप्त कैसे होगा . लेकिन जम्मू कश्मीर का दुर्भाग्य है ..

Mother’s Day Special: जानिए जम्मू कश्मीर से जुड़े काले कानून की कहानी, जिसने हरेक मां से उसके सारे अधिकार छीन लिये हैं, आखिर कब तक चुप रहेंगे देश के बेटे!!

दुनिया की हरेक मां अपने बच्चों को के लिए वो सब कुछ चाहती है जिससे उनका जीवन सुखी समृद्ध बने। यह न केवल हर माँ की भावना होती है, बल्कि उसका अधिकार भी है । लेकिन हमारे देश के एक राज्य में बाकायदा कानून बनाकर राज्य की हरेक मां को इन तमाम अधिकारों से वंचित रख..

NETFLIX ने किया भारत की अखंडता और संप्रभुता पर हमला, स्ट्रीट फूड सीरिज़ में दिखाया भारत का ग़लत नक्शा, ये भूल है या फिर सोची-समझी साजिश?

 स्क्रीनशॉट  चर्चित ऑनलाइन एन्टरटेनमेंट प्लेटफॉर्म NETFLIX ने एक बार फिर अपने कंटेंट के चलते एक और विवाद खड़ा कर दिया है। NETFELIX ने हाल ही में नयी फूड डॉक्यू-सीरिज स्ट्रीट फूड शुरू की है। जिसमें एक एपिसोड इंडिया पर भी है। लेकिन इस एपिसोड में भारत के नक्शे को गलत तरीके से दिखाया गया है। इस स्केच मैप में जम्मू कश्मीर के गिलगित-बल्टिस्तान का हिस्सा काट दिया गया है। जोकि न सिर्फ तथ्यात्मक दृष्टि से गलत है, बल्कि भारतीय संविधान के विरूद्ध भी है। ये सीधे तौर पर भारत की अखंड़ता और संप्रभुता ..

“द लल्लन टॉप” दर्शकों को टॉप का लल्लू न समझें तो अच्छा है! फैक्ट चेक या फर्जीवाड़ा: जम्मू कश्मीर पर कुछ बोलने से पहले रिसर्च करें तो बेहतर होगा

  2019 लोकसभा चुनाव का समय चल रहा है I विभिन्न राजनितिक दल अपने झूठे-सच्चे वायदों से मतदाताओ को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं I आये दिन वाट्सएप्प पर, फेसबुक पर कई ऐसी खबरें पोस्ट की जा रही हैं, जिनका सच से कोई लेना देना नहीं होता I ज़ाहिर है ऐसी खबरें पढ़नेवालों के मन एवं मस्तिष्क में नाहक ही संशय पैदा करती है I ऐसे में अलग-अलग न्यूज़ चैनल्स या वेब पोर्टल्स ने एक मुहीम शुरू की है कि इन्टरनेट पर फैलाए जा रहे दावों या खबरों में कितनी सच्चाई है ,उसकी जाँच की जाये I कोई इस प्रयास को वायरल टेस्ट ..

जाकिर नाईक के खिलाफ कार्रवाई तेज़, 193 करोड़ की संपत्ति के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने चार्जशीट फाइल की

   प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई को तेज़ करने हुए आज इस्लामिक कट्टरपंथी जाकिर नाईक के खिलाफ पहली डायरेक्ट चार्जशीट फाइल की। 193 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस मामले में मुंबई की स्पेशल कोर्ट में ये चार्जशीट फाइल की। जिसपर अब अदालत में सुनवाई शुरू होनी है। दरअसल नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी के 2016 में दायर केस के आधार पर ईडी ने जाकिर नाईक के खिलाफ द प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की थी। जिसमें जाकिर नाईक की 193.06 करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ था।   हालांकि ईडी ..

आर्टिकल 35A पीड़ित महिला प्रोफेसर की याचिका जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में दर्ज, बच्चों को नहीं मिली थी पीआरसी

  आर्टिकल 35A के खिलाफ आंदोलन धीरे-धीरे रंग लाने लगा है। इससे पीड़ित लोगों ने धीरे-धीरे अपने हक के लिए आवाज़ उठानी शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन में प्रोफेसर पद पर तैनात रेणू नंदा ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें रेणू नंदा ने 35A के चलचे अपने 2 बच्चों के लिए पीआरसी न दिये जाने को मूलभूत अधिकारों का हनन बताया है। रेणू नंदा ने हाईकोर्ट से 2 बच्चों केशव कुमार और माधव कुमार के परमानेंट रेज़िडेंट सर्टीफिकेट की मांग की है। दरअसल रेणू नंदा ..

धारा 370 और 35A को हटाना जरूरी- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज का बड़ा बयान

 सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एन संतोष हेगड़े ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 35ए और 370 को खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि ये अन्य राज्यों के अधिकारों के विपरीत हैं। बता दें कि इन अनुच्छेदों के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा हासिल है। उन्होंने कहा कि “1948 में जब कश्मीर के महाराजा राज्य का भारत में विलय करने पर सहमत हुए थे तब संविधान के अनुच्छेद 35ए और 370 के तहत लोगों को कुछ आश्वासन दिया गया था।“ हेगड़े ने कहा कि “इसके शब्द ऐसे लगते ..

जम्मू कश्मीर में धारा 370 और 35A ने चकनाचूर कर दिये बाबा साहेब अंबेडकर के तमाम सपनें

  संविधान निर्माण के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर का एक ही सपना था, 1. एकीकृत भारत, 2. दलित उद्धार, समता और समानता, 3. धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र, भारत का संविधान सर्वोपरि हो, 4. महिला उत्थान का सपना। आजादी के 71 साल बीत जाने के बाद बाबा साहेब का ये सपना जम्मू कश्मीर में पूरा होता नज़र नहीं आता। जम्मू कश्मीर राज्य की सीमा शुरू होते ही, अंबेडकर की कल्पना के विपरीत एक अलग भारत दिखाई देता है। जहां दलितों दोयम दर्जें की नागरिक हैं, जहां महिलाओं के अधिकारों पर डाका डाला गया है। जो सेक्यूलर भारत के सपने ..

आर्टिकल 35A को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर, पीड़ित बाल्मीकि समाज ने की विधानसभा चुनाव में वोटिंग अधिकार भी मांग

 सुप्रीम कोर्ट में जम्मू कश्मीर से जुड़े संविधान के आर्टिकल 35A को हटाने की मांग को लेकर पहले से केस लंबित है। जिसकी सुनवाई की तारीख अभी तक तय नहीं हो पायी है। लेकिन इस बीच जम्मू में बसे बाल्मीकि समाज ने एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है। जिसमें आर्टिकल 35A को हटाने की मांग की गयी है। जम्मू के गांधीनगर एरिया में बाल्मीकि कॉलोनी निवासी अजीत कुमार, कौशल्या, नीलम, इंद्रजीत सिंह, कुलविन्दर और सूरज इसमें याचिकाकर्ता हैं। हालांकि इस याचिका लिस्टिंग अभी तक नहीं हो पायी है।  विधानसभा ..

अधिमिलन में 35A की शर्त! महबूबा द्वारा फैलायी जा रही फेक न्यूज़ का प्वाइंट दर प्वाइंट पर्दाफाश

    राजदीप सरदेसाई के साथ इंटरव्यू में पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर आर्टिकल 35ए को जम्मू कश्मीर के अधिमिलन की शर्त बताते हुए फिर से देश को गुमराह करने की कोशिश की। पूरे इंटरव्यू के दौरान महबूबा मुफ्ती ये साबित करने की कोशिश करती रही कि जम्मू कश्मीर से अगर 35ए और 370 को हटाया गया तो जम्मू कश्मीर राज्य का रिश्ता भारत से खत्म हो जायेगा। ये वो धमकी है जो महबूबा मुफ्ती अपनी चुनावी रैली में कईं हफ्तों से देती आ रही है। जबकि सच ये है कि जम्मू कश्मीर राज्य के अधिमिलन की कोई ..

अलगाववादियों पर जारी है कार्रवाई, ईडी ने जब्त की अलगाववादी शब्बीर शाह की श्रीनगर के पॉश एरिया की 2 प्रॉपर्टी

 टेरर फंडिंग केस में गिरफ्तार अलगाववादी नेता शब्बीर शाह फिलहाल तिहाड़ जेल में है। पूछताछ के बाद आगे कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने श्रीनगर स्थित दो बंगलों को जब्त कर लिया है। दोनों प्रॉपर्टी श्रीनगर के पॉश इलाके एफैंडी बाग और रावलपोरा में थी। जोकि शब्बीर शाह की बीबी और बेटियों के नाम पर थी। ईडी का कहना है कि शब्बीर शाह जैश-ए-मोहम्मद के एक्टिव हैंडलर असलम वानी के साथ जुड़ा हुआ है। जोकि पाकिस्तान से आने वाला हवाला का पैसा शब्बीर शाह को पहुंचाता था। इसी पैसे से ये प्रॉपर्टीज़ खरीदी ..

जम्मू कश्मीर में दोयम दर्ज़े की नागरिक क्यों हैं महिलाएं! कब मिलेगा उनको बराबरी का हक़...?

   आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस है, भारत में भी महिला दिवस बड़े जोर शोर से मनाया जाता हैI महिलाओं के सामान अधिकारों पर संगोष्ठियाँ होती हैं, महिला सशक्तिकरण के लिए नए प्रावधानों के प्रारूप तैयार किये जाते हैं, और उनपर कानून बना कर उन्हें अमल में भी लाया जाता है I पर हमारे ही देश में एक ऐसा राज्य है जहाँ महिलाओं के साथ भेदभाव किया जाता है, वो भी बाकायदा कानून बना कर I जी हाँ आपने सही पढ़ा, भारत के संविधान में राज्यों की फेहरिस्त में 15 वे स्थान पर है जम्मू कश्मीर I इस राज्य में आर्टिकल ..

कौन हैं अयोध्या केस में मध्यस्थ जस्टिस खलीफुल्लाह? जानिए उनकी पूरी जानकारी...

 सुप्रीम कोर्ट के रियाटर्ड जज एफ एम आई खलीफुल्ला को अयोध्या केस में मध्यस्थ बनाया गया है। जस्टिस कलीफुल्ला सुप्रीम कोर्ट से जुलाई 2016 में रिटायर हुए थे। सुप्रीम कोर्ट में वो चीफ जस्टिस टी एम ठाकुर की उस बेंच में शामिल थे। जिन्होंने क्रिकेट बॉडी बीसीसीआई के स्ट्रक्चर और मैनेजमेंट में भारी बदलाव का आदेश दिया था।  जस्टिस एफ एम आई कलीफुल्लाह का पूरा नाम फकीर मोहम्मद इब्राहिम कलीफुल्ला है। जस्टिस कलीफुल्ला के पिता एम फकीर मोहम्मद जोकि पहले 2000 में मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्त ..

बंद पड़े 30 साल पुराने केस में होगी अलगाववादी यासीन मलिक पर कार्रवाई, लगा PSA,जम्मू जेल में किये गये शिफ्ट

सरकार जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं पर धीरे-धीरे नकेल कसती जा रही है। ताजा कार्रवाई में जेएंडके प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) चीफ यासीन मलिक के ऊपर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें कि मलिक को 22 फरवरी को हिरासत में लिया गया था और इसके बाद उन्हें कोठीबाग पुलिस स्टेशन में रखा गया था। इसके पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गत 26 फरवरी को अलगाववादी नेता के आवास पर 26 फरवरी को छापे मारे थे। जिसमें काफी अहम सबूत और दस्तावेज मिले ..

अयोध्या केस में ‘’मध्यस्थता’’ के जरिये सुलझाने का फैसला रिजर्व, हिंदू संगठनों ने किया था विरोध- जानिए सुप्रीम कोर्ट की आज की पूरी प्रक्रिया

  सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक खंडपीठ ने अयोध्या मामले को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने के फैसले को रिजर्व रखा है। दरअसल आज ये फैसला होना था कि क्या अयोध्या मामला मध्यस्थता के जरिये सुलझाया जाये या नहीं। जिसपर आज बहस हुई। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने इ..

J&K: एलओसी के लोगों की तरह बॉर्डर पर रहने वाले लोगों के लिए 3% आरक्षण लागू, राष्ट्रपति की मंजूरी

  बीती रात केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर रहने लोगों के लिए आरक्षण पर मुहर लगा दी। दरअसल ये तोहफा है 3 फीसदी आरक्षण का, जिसके वो सालों से हकदार थे। ये आरक्षण उसी तर्ज पर दिया जायेगा। जैसे एलओसी पर रहने वाले लोगों के लिए निर्धारित किया गया। 14 फरवरी को ही राज्यपाल ने इस फैसले को मंजूरी देकर फाइल स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार की तरफ बढ़ाई थी। इसके बाद सरकार ने बिना समय गंवाये प्रेजिडेंशियल ऑर्डर की मार्फत इसको मंजूरी दे दी। Notification-     इस ..

महबूबा ने बोली अलगावादियों की भाषा, कहा 35A हटा तो कश्मीरी थामेंगे तिरंगे के अलावा दूसरा झण्डा

 पुलवामा हमले के बाद जम्मू कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद के समर्थक पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। वो खुलेआम वही भाषा बोल रहे हैं, बस बहाना अलग है। आज पीडीपी लीडर महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे-सीधे वो भाषा बोली जो पाकिस्तान परस्त अलगावववादी बोलते आएं हैं। महबूबा ने बहाना बनाया आर्टिकल 35A को। कहा अगर 35A को हटाने की कोशिश की गई तो कश्मीर के लोग तिरंगा छोड़कर कोई और झंडा उठाने को तैयार हो जाएंगे। किसका! ये महबूबा ने नहीं बताया। साफतौर पर वो देश की अखंडता को चुनौती दे रही हैं। यहां गौरतलब ..

अनुच्छेद 35 A का सच - जम्मू कश्मीर में दलितों , शरणार्थियों और महिलाओ के लिए है शाप है

जम्मू कश्मीर को संविधान के अंतर्गत किसी भी तरह से विशेष राज्य का विशेष दर्जा प्राप्त नहीं है। जम्मू कश्मीर के भारत में विलय के बाद भारत का संविधान वहाँ पूरी तरह से लागू होना चाहिए था I यही संविधान निर्माताओं की इच्छा थी, इसीलिए अनुच्छेद 370 को अस्थायी प्रावधान कहा गया।..

जानिये क्यों 14 मई 1954 , भारतीय संवैधानिक इतिहास का काला दिन है और क्यों ज़रूरी है आर्टिकल 35 A को हटाना ?

 • 14 मई, 1954 को बिना संसद की मंजूरी के भारतीय संविधान में संशोधन कर कथित रूप से, सिर्फ राष्ट्रपति के एक आदेश द्वारा, अनुच्छेद 35A के नाम से एक नया अनुच्छेद जोड़ दिया गया, जो असंवैधानिक है और जिस का जन्म ही अवैध है l • यह अनुच्छेद भारत के मूल संविधान में अनुछेद 35 के बाद नहीं मिलता है , बल्कि यह अनुच्छेद संविधान के साथ जोड़े गए एक अपेंडिक्स / परिशिष्ट में मिलता है l • 35A भारत के संविधान में एक ऐसा अनुच्छेद है जो जम्मू कश्मीर राज्य सरकार / राज्य विधान सभा को भारत के उन ..

J&K: बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को भी मिलेगा एलओसी के लोगों की तरह 3% आरक्षण, राज्यपाल की मंजूरी

   जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर रहने लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने एक बड़े तोहफे की घोषणा की है। दरअसल ये तोहफा है 3 फीसदी आरक्षण का, जिसके वो सालों से हकदार थे। ये आरक्षण उसी तर्ज पर दिया जायेगा। जैसे एलओसी पर रहने वाले लोगों के लिए निर्धारित किया गया। राज्यपाल ने इस फैसले को मंजूरी देकर फाइल स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार की तरफ बढ़ा दी है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार भी जल्द ही एक अध्यादेश लाकर इसको मंजूरी दे देगी, अध्यादेश इसीलिए क्योंकि लोक सभा इस टर्म के लिए भंग ..

क्या फिर टलेगी आर्टिकल 35A की सुनवाई? जम्मू कश्मीर प्रशासन ने की सुनवाई टालने की अपील, सुप्रीम कोर्ट में इसी हफ्ते Listed है मामला

क्या फिर टलेगी आर्टिकल 35A की सुनवाई? जम्मू कश्मीर प्रशासन ने की सुनवाई टालने की अपील, सुप्रीम कोर्ट में इसी हफ्ते Listed है मामला..

JNU देशद्रोह केस: चार्जशीट पर परमिशन न देने पर कोर्ट ने लगायी केजरीवाल सरकार को फटकार, कहा- फाइल को रोक नहीं सकते

   जेएनयू देशद्रोह केस में केजरीवाल सरकार ने चार्जशीट फाइल करने के लिए परमिशन नहीं दी, तो आखिरकार पटियाला कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया और फटकार लगाते हुआ कहा कि वो फाइल को रोक नहीं सकते। इसी के साथ कोर्ट ने 28 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी और संबंधित अधिकारियों तब तक दिल्ली सरकार से परमिशन लेने को कहा।  दरअसल 14 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने जेएनयू देशविरोधी नारेबाजी मामले में 1400 पन्नों की चार्जशीट तैयार कर ली थी। लेकिन इसको कोर्ट में फाइल करने से पहले ..

1989-90 में आतंकवाद के डर से बेची गयी कश्मीरी हिंदूओं की प्रॉपर्टी का सौदा होगा रद्द, मोदी सरकार की योजना तैयार

  आतंकवाद के चलते घाटी छोड़ने वाले कश्मीरी हिंदूओं के लिए एक बड़ी खबर है, 90 के दशक में साढ़े लाख हिंदूओं को उनकी उस तमाम प्रॉपर्टी पर वापिस कब्ज़ा मिलेगा। जिसको इस्लामिक आतंकवाद के डर से घाटी छोड़ने से पहले उन्होंने कौड़ियों के दाम अपने मुस्लिम पड़ोसी को बेच दिया था। सरकारी आंकडे के मुताबिक करीब डेढ लाख ऐसे कश्मीरी हिंदू हैं जिन्होंने अपने घर, जमीन, ऑफिस, दुकान, बिजनेस, फैक्ट्री, गाड़ियों जैसी प्रॉपर्टी औने-पौने दाम पर स्थानीय मुस्लिमों को बेच दी थी। हज़ारों मामले ऐसे भी थे, जिसमें स्थानीय ..

सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35A पर जल्द सुनवाई के आसार नहीं, सुनवाई कब और कैसे होगी, इसका फैसला बंद कमरे में होगा

सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35A पर जल्द सुनवाई की उम्मीद कर रहे लोगों को अभी थोड़ा इंतजार और करना होगा। आर्टिकल 35A की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई सूचिबद्ध करने का फैसला इन-चैम्बर यानि बंद कमरे में होगा। दरअसल एडवोकेट विमल रॉय ने सुनवाई..

केजरीवाल सरकार ने नहीं दी जेएनयू टुकड़े-टुकड़े गैंग पर चार्जशीट फाइल करने की परमिशन, कोर्ट ने किया संज्ञान लेने से इंकार

 आखिरकार वहीं हुआ जिसका अंदेशा था, राजनीति के चलते केजरीवाल सरकार ने जेएनयू टुकड़े-टुकड़े गैंग के खिलाफ चार्जशीट फाइल करने के लिए दिल्ली पुलिस को परमिशन नहीं दी। जिसके चलते पटियाला कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेने से मना कर दिया, यानि केस में आगे कार्रवाई नहीं शुरू होगी। इसके लिए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पुछा कि उन्होंने बिना परमिशन के चार्जशीट फाइल क्य़ों कि तो दिल्ली पुलिस ने अगले 10 में परमिशन के साथ चार्जशीट फाइल करने को कहा। इसके लिए सेशन जज दीपक सहरावत ने दिल्ली पुलिस को 6 फरवरी तक चार्जशीट ..

जम्मू कश्मीर : धारा 370 को हटाने की ओर बढ़ा और एक कदम, सुप्रीम कोर्ट करेगी 2 अप्रैल को सुनवाई

   सुप्रीम कोर्ट ने आज जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा वाली धारा 370 को हटाने से संबंधित अपील को स्वीकार कर लिया। चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला किया कि इसकी सुनवाई 2 अप्रैल को पहले से तय विजयालक्ष्मी झा द्वारा दायर केस के साथ ही की जायेगी। जोकि इस मुद्दे ही जुड़ा है। दरअसल बीजेपी नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट में धारा 370 को हटाने के लिए पीआईएल फाइल की थी। अश्विनी ने अपनी पीआईएल में न सिर्फ धारा 370 को रद्द करने की अपील की है, बल्कि जम्मू ..

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की गवर्नर द्वारा J&K विधानसभा भंग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका

  जम्मू कश्मीर की विधानसभा को भंग करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी। सोमवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व विधायक गगन भगत द्वारा दायर की गयी याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें गवर्नर सत्यपाल मलिक के विधानसभा को भंग करने को चुनौती दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एस के कौल की बेच ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है और हम गवर्नर के फैसले में दखल नहीं देंगे।  बीजेपी से नाराज पूर्व नेता और निवर्तमान विधायक गगन भगत की तरफ से पेश जयदीप गुप्ता ..

J&K Bank एक गवर्नमेंट कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड है, तो स्टेटस चेंज का सवाल ही नहीं- गवर्नर

  जे एंड के बैंक की राज्य प्रशासन के प्रति जवाबदेही तय करने के बाद विरोध कर रहे कर्मचारियों के डेलीगेशन ने आज गवर्नर सत्यपाल सिंह से मीटिंग की। मीटिंग में गवर्नर ने तमाम कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि जे एंड के बैंक के किसी तरह के स्टेटस् में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बस जवाबदेही तय की गयी। लिहाजा बैंक के तमाम कर्मचारी परेशान न हों। गवर्नर ने निम्न बिंदुओं को लेकर कर्मचारियों के सामने स्थिति स्पष्ट की।  1. जे एंड के बैंक राज्य का एक प्रीमीयर इंस्टीट्यूशन है, जो जम्मू कश्मीर के ..

J&K: सोशल मीडिया पर Execution Videos शेयर करने वाले सावधान, हो सकती है कार्रवाई

  पिछले कई दिनों से जम्मू कश्मीर में सोशल मीडिया पर आतंकियों द्वारा आम कश्मीरियों की Execution Videos वायरल हो रही हैं। लोग ध़डल्ले से इनको फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर शेयर कर रहे हैं। लेकिन लोगों की ये मूर्खता उनको सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। सोमवार को श्रीनगर में एक प्रैस कांफ्रेंस के दौरान इंसपेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने एस पी सैनी ये चेतावनी दी।  हमहमा में सीआरपीएफ जवान की अंतिम विदाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एस पी सैनी ने कहा कि ‘’लोग आतंकियों द्वारा ..

“मैं उन लोगों के लिए Committed हूं, जिनसे मैंने फीस चार्ज की है” – दीपिका राजावत का बयान

  आसिफ केस में दीपिका राजावत की गैरमौजूदगी से नाराज आसिफा के परिवार ने दीपिका को केस से बाहर कर दिया। लेकिन दीपिका सुनवाई में शामिल क्यों नहीं हुई इस पर बहस शुरू हो गयी है। बुधवार को कोर्ट में दाखिल एप्लीकेशन में खुद आसिफा के पिता ने दावा किया था कि दीपिका इसीलिए सुनवाई में शामिल नहीं हो रही, क्योंकि उनकी जान को खतरा हो सकता है। लेकिन फेसबुक पर पोस्ट किये गये एक वीडियो में खुद दीपिका राजावत ने माना कि आसिफा के केस में उन्होंने कोई पैसा चार्ज नहीं किया, लेकिन अब वो केस में इसीलिए शामिल ..

आतंकी आसिया अंदराबी के खिलाफ एनआईए ने फाइल की चार्जशीट

बुधवार को एनआईए ने पटियाला की स्पेशल एनआईए कोर्ट में आतंकी संगठन दुख्तरन-ए-मिल्लत की आसिया अंदराबी के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी। आसिया के साथ सोफी फेहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी आरोपी बनाया गया है। गौरतलब है कि आसिया अंदराबी को देशविरोधी, आंतकी योजनाओं में शामिल होने और पाकिस्तान की मदद से देश में आतंकी संगठन दुख्तरन-ए-मिल्लत चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 27 अप्रैल 2018 को दिल्ली के एनआईए पुलिस स्टेशन में आसिया अंदराबी औऱ उसके साथियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120B, 121, 121A, 124A, 153A, ..

अनुच्छेद 35ए

क्या है अनुच्छेद 35ए की संवैधानिकता ..