13 जुलाई 1931, वो काला दिन,जहां से जम्मू कश्मीर में इस्लामिक अलगाववाद और पत्थरबाज़ी की शुरूआत हुई
13 जुलाई 1931, वो काला दिन,जहां से जम्मू कश्मीर में इस्लामिक अलगाववाद और पत्थरबाज़ी की शुरूआत हुई
  शेख अब्दुल्ला, श्रीनगर में स्थापित रीडिंग रूम के साथियों के साथ जम्मू कश्मीर में इस्लामिक कट्टरपंथ अलगाववाद, आतंकवाद और पत्थरबाज़ी के रूप में एक बड़ी समस्या बना हुआ है। लेकिन लगातार डोगरा रूल के बावजूद 1930 तक जम्मू कश्मीर में हिंदू और मुस्लिम आबादी के बीच कभी झगड़ा देखने को नहीं मिला। इसकी शुरूआत अप्रैल 1930 में हुई और एक साल के अंदर ही इस्लामिक कट्टरपंथ का ये जहर इस कदर बढ़ा कि 13 जुलाई 1931 श्रीनगर में सांप्रदायिक दंगा हुआ, जहां से इस्लामिक सांप्रदायिकता की ऐसी आग फैली जो आज भी जम्मू कश्
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